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Friday, 9 October 2015

"टुर परे"

टुर परे

.....................शिशिर कृष्ण शर्मा

 

आज सुबह "गो-एयर" की मुम्बई-दिल्ली उड़ान में मेरे साथ वाली (विंडो) सीट पर बैठी एक अधेड़ महिला की "हवाई सुन्दरी" से बातचीत -

एक्स्क्यूज़...

येस मैडम?

आपने मेरे फ़ोर्टी रूपीज़ देने हैं...

फ़ोर्टी रूपीज़?

हांजी...एक टी ली थी मैंने? हंड्रेड रूपीज़ दिए थे आपको...

ओके मैडम...!!!

...कुछ क्षणों के लिए अंतर्ध्यान होने के बाद "हवाई सुंदरी" का फिर से प्रकट होना...

सॉरी मैडम..चेंज नहीं है...ये रख लीजिए... (बिस्किट का पैकेट...)

नईं नईं आप मुझे हंड्रेड रूपीज़ दे दीजिए...मैं आपको सिक्स्टी रूपीज़ दे देती हूं...

ओके मैडम...जस्ट वेट...!!!

...हवाई सुंदरी फिर से अंतर्ध्यान...


उनकी बड़बड़ाहट : किन्नी चलाक ...चाल्ली रूपै देणे ऐं...होर दस रूपै दा बिस्कुट दा पैकिट पकड़ा रई ...होर चा देक्खो तो साठ रुपै में गंदे नाले दा पाणी...टुर परे, खसमां नूं खाणीं !!!
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(मूलत: फ़ेसबुक पोस्ट : दिनांक 08.05.2015)